Even after coaching, 67 thousand academics continued to get untrained wage for 15 to twenty months. | प्रशिक्षण के बाद भी 67 हजार शिक्षकों को 15 से 20 माह तक मिलता रहा अप्रशिक्षित का वेतन

पटना2 घंटे पहले

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  • सरकार पर 670 करोड़ रुपए है बकाया, शिक्षकों को शिक्षा विभाग की ओर से मिल रही आश्वासन की घुट्‌टी

राज्य के 67 हजार प्रशिक्षित शिक्षकों को सरकार लगभग 15 से 20 माह तक अप्रशिक्षित का वेतन देती रही। अब प्रशिक्षित का वेतन दे रही है, लेकिन पिछला बकाया नहीं दिया जा रहा है। प्रत्येक शिक्षक का औसतन एक लाख से 1.10 लाख तक एरियर बकाया हो गया है। यानी सरकार के पास 670 करोड़ से अधिक का बकाया है। शिक्षक लगातार सरकार से बकाया भुगतान की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग सिर्फ आश्वासन की घुट्‌टी ही पिला रहा है। 31 मार्च 2019 तक सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित हो जाना था। अप्रशिक्षित बहाल शिक्षकों में काफी शिक्षकों ने जनवरी 2019 तक ही प्रशिक्षण ले लिया था।

शेष शिक्षकों ने एनआईओएस के माध्यम से 31 मार्च 2019 के पहले प्रशिक्षण ले लिया है। विधानमंडल सत्र के दौरान में प्रशिक्षित होने के बाद भी कई माह तक अप्रशिक्षित का वेतन देने का मामला उठाया गया था। बकाया राशि भुगतान जल्द करने का सरकार द्वारा आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अबतक बकाया भुगतान नहीं किया जा सका है।

जिलों काे अबतक नहीं आवंटित की गई राशि
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी शिक्षकों को जिलों ने प्रशिक्षित के हिसाब से वेतन निर्धारण में काफी देर की। कई जिलों में सीनियर का वेतन निर्धारण जूनियर शिक्षकों से अधिक कर दिया। वेतन निर्धारण में गलती सुधारने में भी देर हुई। सभी जिलों से 22 फरवरी 2021 तक बकाया भुगतान के लिए आवश्यक राशि की आवश्यकता संबंधी रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन अबतक बकाया राशि भुगतान के लिए जिलों को आवंटन नहीं भेजा गया है।विभिन्न शिक्षक संघों ने नवप्रशिक्षित शिक्षकों का बकाया राशि भुगतान के लिए मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, प्रधान सचिव और प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मांग की है।

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