Bihar Madrasa Bomb Blast Updates; Query Raised On Investigation And Report | जब FSL की रिपोर्ट ही नहीं आई तो फिर DM और SP ने कैसे कह दिया कि मदरसा में देशी बम फट था?

पटनाकुछ ही क्षण पहले

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विस्फोट के बाद धाराशाई हो गई थी मदरसे की इमारत।

बांका के नवटोलिया स्थित मदरसा में हुए बम ब्लास्ट मामले में स्थानीय पुलिस की जांच और उनकी रिपोर्ट पर सवाल खड़ा हो गया है। उनकी अब तक की जांच ही शक के घेरे में आ गई है। जब इस मामले की अब तक फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL) की कोई रिपोर्ट ही नहीं आई है तो यह कैसे कह दिया गया कि मदरसा के अंदर देशी बम ब्लास्ट हुआ था। कोई हाई डेंसिटी वाली बम या IED का ब्लास्ट नहीं था? सवाल उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर बांका के DM सुहर्ष भगत और SP अरविंद कुमार गुप्ता ने गुरुवार को अपनी ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मदरसा के अंदर देशी बम ही ब्लास्ट हुआ था।

क्या बोले बांका SP

इस मामले पर शुक्रवार को भी बांका के SP अरविंद कुमार गुप्ता से भास्कर रिपोर्टर ने फोन पर बात की। उनसे सवाल पूछे। यह जानना चाहा कि क्या ऐसा हो सकता है कि देशी बम की डेंसिटी इतनी हाई थी कि उसके ब्लास्ट से मदरसा की दीवारें ढह जाएंगी? इस सवाल के जवाब में SP ने फिर से कहा कि ब्लास्ट देशी बम से ही हुआ था। IED का ब्लास्ट नहीं था। लेकिन, बम में इस्तेमाल किया गया मेटेरियल क्या था? ब्लास्ट कैसे हुआ? इसके बारे में तभी पता चलेगा, जब FSL की रिपोर्ट आएगी। अब यहां पर सवाल फिर से वही उठता है कि जब ये नहीं पता कि ब्लास्ट हुए बम में किस तरह की मेटेरियल का इस्तेमाल हुआ था तो फिर पुलिस ने यह कैसे कह दिया कि मदरसा में देशी बम ही फटा था? इस बात को साबित करने का आधार क्या है?

गाड़ी की हुई पहचान, लापता हैं घायल
बांका की पुलिस ने अपनी जांच में ब्लास्ट के बाद इस्तेमाल हुए एक गाड़ी की पहचान की है। यह वही गाड़ी है, जिससे ब्लास्ट के बाद मौलाना और बाकी घायलों को ले जाया गया था। सूत्र तो बताते हैं कि ये गाड़ी झारखंड नंबर की है। मगर, इस बारे में जब आज SP से पूछा गया तो वो सीधे कह गए कि अभी जांच चल रही है। इस बारे में कुछ नहीं बताएंगे। ब्लास्ट में कौन लोग घायल हुए थे? सभी घायल अभी कहां हैं। इस बारे में भी उनसे सवाल पूछा गया पर उन्होंने यही जवाब दिया कि जांच चल रही है। अब सवाल यही है कि ये कैसी जांच है कि पिछले 4 दिनों में जिले की पुलिस मदरसा ब्लास्ट के घायलों को तलाश नहीं पाई। उनकी पहचान नहीं कर पाई।

पुलिस मुख्यालय भी है चुप
ब्लास्ट के तुरंत बाद पुलिस ने कहा था कि सिलेंडर ब्लास्ट हुआ है। दूसरे दिन सीनियर पुलिस अधिकारी ने आतंकी कनेक्शन की बात कही थी। मामला पश्चिम बंगाल के वर्धमान ब्लास्ट से जुड़ गया था। फिर इस मामले में इस तरह से यू-टर्न लिया गया और देशी बम ब्लास्ट की बात कह दी गई जो ब्लास्ट के बाद मदरसे की जर्जर हालत को देख कर मेल नहीं खा रहे हैं। इस मामले में आज भी बिहार पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों से बात की गई। लेकिन, किसी भी अधिकारी ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। दूसरी तरफ सूत्र बता रहे हैं कि NIA अभी भी केंद्रीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है। उनकी टीम को अब तक मदरसा ब्लास्ट की जांच की जिम्मेवारी नहीं मिली है।

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