गरुड़ ऐप: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने व सुधार के लिए गरुड़ ऐप से देंगे आवेदन, ऐप कैसे काम करता है, बीएलओ को ट्रेनिंग देने का निर्देश


रांची2 मिनट पहले

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रांची में अब वोटरों की समस्या को दूर करने व उनके आवेदन को ऑन द स्पॉट ऑनलाइन करने का कार्य गरुड़ ऐप के माध्यम से होगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में कितने बीएलओ के पास स्मार्टफोन है, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। शुक्रवार को रांची के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) के साथ समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में यह निर्देश डीसी छवि रंजन ने दिया।

उन्होंने सभी बीएलओ को गरुड़ ऐप की कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देने काे कहा। इसको लेकर उप निर्वाचन पदाधिकारी शब्बीर अहमद को कहा कि बीएलओ ऐप पर कैसे काम करते हैं, इसका डेमो उनके कार्यालय में कराएं। बैठक में सभी ईआरओ को जिले में कितने मतदान केंद्र हैं, बीएलओ की कितनी संख्या है, इसकी रिपोर्ट एईआरओ से लेने को कहा गया है। डीसी ने कहा कि जहां बीएलओ नहीं है, वहां बीएलओ प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया।
अभी भी हार्ड कॉपी में आवेदन दे रहे हैं लोग

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने व सुधार आदि के लिए प्रपत्र 6, 7, 8 या 8 (क) में आवेदन देना होता है। ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद अधिकतर लोग अपने बूथ पर बीएलओ को हार्ड कॉपी में आवेदन जमा करते थे। ऐसे में निर्वाचन आयोग के पेपर लेस व्यवस्था के तहत गरुड़ मोबाइल ऐप एक बेहतर कदम है।

इस ऐप के माध्यम से बीएलओ को अब ऑफलाइन कागज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। बीएलओ ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर सकेंगे। वहीं, ऑनलाइन व ऑफलाइन आए आवेदन को कार्यालय की ओर से वेरिफिकेशन के लिए हार्ड कॉपी दिया जाता था, मगर अब इस ऐप के शुरू होने से इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

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